नीतिशास्त्र #6 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

पर्यावरणीय नैतिकता

पर्यावरणीय नैतिकता का सम्बन्ध पर्यावरण के साथ मनुष्यों के नैतिक सम्बन्धों से है | यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीवों को जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है | प्रकृति को नष्ट करके,मनुष्य सभी जीवों के जीवन जीने के इस अधिकार को अस्वीकृत कर रहे हैं | इसके अनुसार न केवल अन्य मनुष्यों, बल्कि प्रत्येक जीव का सम्मान करना और उनके जीने के अधिकार का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है|

पर्यावरणीय नैतिकता से सम्बन्धित मुद्दे

प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग

प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और मानव अस्तित्व के लिए महत्त्वपूर्ण हैं | इनका सम्बन्ध भावी पीढ़ियों के स्वच्छ और हरित पर्यावरण के अधिकार से है|

वनों का विनाश

  • जब औद्योगिक प्रक्रियाएँ संसाधनों का विनाश का कारण बनती हैं, तो उद्योगों का उत्तरदायित्व है कि वे क्षरित संसाधनों को पुनर्स्थापित करें|
  • क्या पर्यावरण के पुनर्स्थापन के माध्यम से मूल पर्यावरण की पुनर्प्राप्ति की जा सकती है? जैव विविधता की क्षति के लिए कौन उत्तरदाई है?
  • क्या वनों में स्थित वन्यजीवों और पौधों के अधिकार हैं? यदि वन्यजीवों, पौधों और अन्य प्रजातियों को नष्ट कर दिया जाएगा तो क्या होगा? क्या यह हमें प्रभावित करेगा?
  • क्या केवल हमारे उपभोग और लालच के लिए कुछ प्रजातियों के विलुप्त हो जाने का कारण बनना सही है?

पशुओं को हानि

कई अन्य पशु प्रजातियों की संख्या निरंतर कमी हो रही है | क्योंकि उनका उपयोग खाद्य स्रोत, पशुओं में परीक्षण आदि के लिए किया जा रहा है| हम पशुओं को उनके जीने के अधिकार से कैसे वंचित कर सकते हैं? उन्हें उनके आवास और भोजन से वंचित करने का हमारा कृत्य कहाँ तक उचित है? हमें हमारी सुविधाओं के लिए उन्हें क्षति पहुँचाने का अधिकार किसने दिया?

पर्यावरण प्रदूषण

  • पर्यावरण की समस्याओं का एक मजबूत विस्तार सम्बन्धी आयाम होता है| उदाहरण के लिए, जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से वर्तमान पीढ़ी के निर्धन लोग और भावी पीढ़ी असंगत रूप से प्रभावित होगी, जो कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए कम उत्तरदाई हैं|
  • इसकी भलीभांति समझ होने के बावजूद कि गैसोलीन से चलने वाले वाहन प्राकृतिक संसाधनों के विनाश को बढ़ावा देते हैं? क्या हमारे लिए यह उचित है कि हम इनके विनिर्माण और उपयोग को जारी रखें?
  • क्या पर्यावरण और प्रकृति की सुरक्षा के लिए तैयार किये गये दिशानिर्देशों का कोई प्रभाव हुआ है? उनकी विफलता के क्या कारण हैं?

पर्यावरणीय नैतिकता को कैसे बनाया रखा जाए?

  • प्राकृतिक संसाधनों का न्यायोचित उपयोग
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के मध्य समानता
  • भावी पीढ़ियों के लिए संसाधनों का संरक्षण
  • जानवरों के पर्यावरणीय अधिकार
  • पर्यावरण शिक्षा
  • पारम्परिक मूल्य प्रणालियों का संरक्षण
  • जानवरों को अनावश्यक हानि न पहुँचाना
  • इको-टूरिज्म की रोकथाम
  • पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं का उपयोग करना
  • पर्यावरण को साफ़ और स्वच्छ रखना
  • पर्यावरण प्रभाव आकलन
  • पर्यावरण की सुरक्षा में सामुदायिक भागीदारी

नैतिक सिद्धांत और पर्यावरण

धर्म

अधिकांश धर्म पर्यावरण के संरक्षण या प्रकृति को संरक्षित करने के विचारों को प्रोत्साहित करते हैं| कुछ धर्मों में, कुछ पौधों या जानवरों, नदियों और पहाड़ों आदि की उन्हें किसी विशेष देवता से सम्बंधित पवित्रता या प्रतीकों के रूप में मानते हुए पूजा की जाती है| इससे ज्ञात होता है कि पशुओं और अन्य गैर-मानवीय सत्ताओं के अधिकारों का अपमान करना धार्मिक नैतिकता के विरुद्ध है

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