नीतिशास्त्र #8 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

मृत्युदंड : एक नैतिक परीक्षण परिचय समय के साथ दंड विधान भी अधिक नरम होते जाते हैं और क्रूरतम सजाऐं(कोड़े मारना, सार्वजनिक मृत्युदंड एवं प्रताड़ना आदि) क्रमशः चलन से बाहर हो रही हैं या हो चुकी हैं । इसका कारण Read More …

नीतिशास्त्र #7 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

असमानता अर्थात जब सभी व्यक्तियों को समान रूप से स्थान, वस्तु, सेवा अथवा अवसर उपलब्ध नहीं होते हैं | असमानताओं का आरोपण सामजिक वर्गों के उदय के साथ हुआ, जैसे कुलीन वर्ग और संघों की उपस्थिति अथवा रंगभेद, दासता या Read More …

नीतिशास्त्र #6 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

पर्यावरणीय नैतिकता पर्यावरणीय नैतिकता का सम्बन्ध पर्यावरण के साथ मनुष्यों के नैतिक सम्बन्धों से है | यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीवों को जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है | प्रकृति को नष्ट करके,मनुष्य सभी जीवों Read More …

नीतिशास्त्र #5 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

किसी लोक-सेवक को नैतिक रूप से सक्षम होना चाहिए | नैतिक रूप से सक्षम लोक-सेवक वह होता है जो उच्च कोटि के वैयक्तिक एवं व्यवसायिक व्यवहार वाला हो, प्रासंगिक नीतिगत शास्त्र, संहिता एवं विधि का ज्ञाता हो, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ उत्पन्न Read More …

नीतिशास्त्र #4 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

जटिल परिस्थितियों में नैतिक निर्णय करने में नीतिशास्त्र के विभिन्न आयाम सहायक होते हैं| ऐसे आयाम हैं – उपयोगितावादी सिद्धांत, अधिकारवादी सिद्धांत, न्यायवादी सिद्धांत, सर्वहितवादी सिद्धांत और सद्‌गुणवादी सिद्धांत| उयोगितावादी सिद्धांत उपयोगितावाद की अवधारणा 19वीं शताब्दी में जेरेमी बेन्थैम और जॉन Read More …

नीतिशास्त्र #3 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

नैतिक सिद्धांतों के दो मुख्य वर्ग हैं| पहला, कर्तव्यपरक दृष्टिकोण (स्वयं मानवीय कृत्यों पर आधारित) और परिणामवादी दृष्टिकोण (मानवीय कृत्यों के परिणामों पर आधारित)| कर्तव्यपरक एवं परिणामवादी दृष्टिकोणों की तुलना इन दो दृष्टिकोणों में कुछ तुलनात्मक अंतर निम्न हैं – Read More …

नीतिशास्त्र #2 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

नीतिशास्त्र की चार मुख्य शाखाएँ हैं – वर्णनात्मक नीतिशास्त्र, मानदंडपरक नीतिशास्त्र, परानीतिशास्त्र तथा अनुप्रयुक्त नीतिशास्त्र| इनका वर्णन नीचे संक्षेप में किया गया है | वर्णनात्मक नीतिशास्त्र वर्णनात्मक नीतिशास्त्र उन विषयों का शास्त्र हैं जिन्हें लोग उचित अथवा अनुचित मानते हैं Read More …

नीतिशास्त्र #1 : उत्तराखंड पीसीएस हेतु

नीतिशास्त्र दर्शनशास्त्र की वह शाखा है जो समाज द्वारा प्रतिस्थापित मानंदड एवं नैतिक सिद्धांतों के परिप्रेक्ष्य में उचित और अनुचित मानवीय कृत्यों एवं आचरण का अध्ययन करता है| इस प्रकार यह किसी व्यक्ति के नैतिक चरित्र तथा साथ ही स्वीकृत Read More …